डूंगरपुर। सत्ता में आने के बाद से शिक्षक भर्ती का भरोसा दिला रही कांग्रेस सरकार ने अपने वर्तमान कार्यकाल के उत्तरार्द्ध में भर्ती का मानो भ्रमजाल बिछाया है। 40 हजार शिक्षकों की भर्ती निकाल कर वाहवाही लूट रही सरकार ने जनजाति बहुल डूंगरपुर जिले में महज 237 पदों पर भर्ती स्वीकृत की है। इसमें सामान्य वर्ग पर तो कुठाराघात हुआ ही है, जनजाति वर्ग को भी अपेक्षित सौगात नहीं मिल पाई है। अजा वर्ग की कोहनी पर गुड़ लगाया है। ओबीसी वर्ग की झोली तो पूरी तरह खाली ही रहनी है।
यह है पदों का गणित
भर्ती में डूंगरपुर जिले में 237 पदों पर नियुक्तियां प्रस्तावित हैं। इनमें से उच्च प्राथमिक स्तर के लिए मात्र चार पदों पर नियुक्ति होनी है। यह चारों पद सामान्य वर्ग के लिए हैं। प्राथमिक स्तर के 233 पदों में से 194 पद जनजाति वर्ग के लिए, 34 पद सामान्य वर्ग के लिए तथा तीन पद एससी वर्ग के लिए आरक्षित हैं। शेष दो पद विशेष पिछड़ा वर्ग के लिए हैं, जिन पर भर्ती सुरक्षित रखी जाएगी।
भर्ती में डूंगरपुर जिले में 237 पदों पर नियुक्तियां प्रस्तावित हैं। इनमें से उच्च प्राथमिक स्तर के लिए मात्र चार पदों पर नियुक्ति होनी है। यह चारों पद सामान्य वर्ग के लिए हैं। प्राथमिक स्तर के 233 पदों में से 194 पद जनजाति वर्ग के लिए, 34 पद सामान्य वर्ग के लिए तथा तीन पद एससी वर्ग के लिए आरक्षित हैं। शेष दो पद विशेष पिछड़ा वर्ग के लिए हैं, जिन पर भर्ती सुरक्षित रखी जाएगी।
यह रहेगा कोटा
प्राथमिक स्तर पर जनजाति वर्ग के 194 पद में 39 महिलाओं और 15 विधवा कोटे के लिए आरक्षित है। सामान्य वर्ग के 34 पदों में महिला के छह और विधवा वर्ग के लिए दो पद ही है। एससी वर्ग में मात्र तीन पद ही है। उच्च प्राथमिक में चार पद ही जिले को मिले है। यह चारों सामान्य वर्ग के लिए है।
प्राथमिक स्तर पर जनजाति वर्ग के 194 पद में 39 महिलाओं और 15 विधवा कोटे के लिए आरक्षित है। सामान्य वर्ग के 34 पदों में महिला के छह और विधवा वर्ग के लिए दो पद ही है। एससी वर्ग में मात्र तीन पद ही है। उच्च प्राथमिक में चार पद ही जिले को मिले है। यह चारों सामान्य वर्ग के लिए है।
उम्मीदों पर तुषारापात
पिछले कई वर्षो से नौकरी की राह देख रहे जनजाति क्षेत्र में निवासरत सभी वर्गो के हजारों बेरोजगारों की उम्मीदों पर तुषारापात ही हुआ है। विभाग ने छह माह पूर्व सरकार को उच्च प्राथमिक में 173 और प्राथमिक में 769 रिक्त पदों की सूचना विभाग को भेजी थी। इन छह माह में यह आंकड़ा और ज्यादा हो गया है। एसटी वर्ग में प्राथमिक में 164 और उच्च प्राथमिक में 87 का बेकलॉगथा। इस लिहाज से जनजाति वर्ग अपने को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।
पिछले कई वर्षो से नौकरी की राह देख रहे जनजाति क्षेत्र में निवासरत सभी वर्गो के हजारों बेरोजगारों की उम्मीदों पर तुषारापात ही हुआ है। विभाग ने छह माह पूर्व सरकार को उच्च प्राथमिक में 173 और प्राथमिक में 769 रिक्त पदों की सूचना विभाग को भेजी थी। इन छह माह में यह आंकड़ा और ज्यादा हो गया है। एसटी वर्ग में प्राथमिक में 164 और उच्च प्राथमिक में 87 का बेकलॉगथा। इस लिहाज से जनजाति वर्ग अपने को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।
दीपक शर्मा
source- patrika
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