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Exam - पटवार परीक्षा : गलत आंसर की से जांची उत्तर-पुस्तिकाएं

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सीकर.सितंबर माह में हुई पटवार भर्ती परीक्षा की कॉपियां गलत ‘आंसर की’ से जांचने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। परीक्षा में जिलेभर से नौ हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इस परीक्षा में 26 अभ्यर्थी ही चयनित हुए थे। एक अभ्यर्थी द्वारा सूचना के अधिकारी के तहत मांगी गई कॉपी व ‘आंसर की’ की विशेषज्ञों से जांच कराने के बाद पटवारी भर्ती परीक्षा में हुई गड़बड़ी उजागर हुई है।

इससे पूरी पटवार भर्ती प्रक्रिया संदेह के घेरे में आ गई है। गलत आंसर-की से उत्तरपुस्तिकाएं जांचने से कई अभ्यर्थी सलेक्शन की दौड़ से बाहर हो गए। दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया है कि 600 अंकों के प्रश्न पत्र में 150 सवाल पूछे गए थे। सभी प्रश्न चार अंक थे।

दांतारामगढ़ के खातीवास निवासी अभ्यर्थी शंभुदयाल की ओर से सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई आंसर की में छह प्रश्नों के उत्तर आंसर-की में गलत बताए गए हैं। कुछ प्रश्नों में तो तकनीकी खामियां भी हैं। ऐसे शब्द भी लिखे गए हैं जो वास्तव में हैं ही नहीं। यानी अभ्यर्थी को सीधे तौर पर 24 अंकों का नुकसान हुआ है।

सूत्र बताते हैं, पटवार भर्ती में कई अभ्यर्थियों ने प्रशासन से आंसर-की मांगी है। अजमेर राजस्व मंडल अध्यक्ष मीनाक्षी हूजा ने बताया कि हमारे पास कुछ जिलों से शिकायत आई है। सीकर की कॉपिया भी चेक करवा रहे हैं। रिव्यू कमेटी को मामला भेजा है। गड़बड़ी मिलने पर रिवाइज रिजल्ट जारी करवाएंगे। फिलहाल हमने चयनित पटवारियों का प्रशिक्षण रुकवा दिया है।

अजमेर राजस्व मंडल अध्यक्ष मीनाक्षी हूजा ने बताया कि हमारे पास कुछ जिलों से शिकायत आई है। सीकर की कॉपिया भी चेक करवा रहे हैं। रिव्यू कमेटी को मामला भेजा है। गड़बड़ी मिलने पर रिवाइज रिजल्ट जारी करवाएंगे। फिलहाल हमने चयनित पटवारियों का प्रशिक्षण रुकवा दिया है।

आंसर-की में बताए गए प्रश्नों के गलत उत्तर

भास्कर ने सूचना के अधिकार के तहत उपलब्ध कराई गई बुकलेट-बी की ‘आंसर-की’ की जांच करवाई। आंसर-की के तहत छह प्रश्नों के उत्तर गलत बताए गए हैं।

सवाल नंबर 2 :

इसमें भारत के द्वितीय राष्ट्रपति कौन थे? जवाब में द्वितीय राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन को बताया गया है। जबकि यह तीसरे राष्ट्रपति थे।

सवाल नंबर 76 :

पूछा गया है, ‘कमला ने शांति को पुस्तक दी’ में कौन सी क्रिया है? आंसर-की में जवाब पूर्ण किकर्मक क्रिया बताया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी कोई क्रिया ही नहीं होती। इसका सही जवाब पूर्ण द्विकर्मक क्रिया है।

सवाल नंबर 93 :

इसमें पूछा गया है, किस क्रम में अशुद्ध वाक्य है? आंसर-की में ऑप्शन ए यानी यह पानी का कुआं कैसे सूख गया? बताया गया है। जबकि ऑप्शन सी भी गलत है।

सी में लिखा है, तुम्हारा यहाँ क्या काम हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इसमें काम एकवचन है, जबकि ‘हैं’ पर बिंदी लगाकर बहुवचन बना दिया गया है। इसके अलावा प्रश्नवाचक चिह्न् भी नहीं लगाया। इस हिसाब से ऑप्शन ए व सी दोनों सही जवाब हो जाते हैं।

सवाल नंबर 128 :

सवाल है, 8690 रुपए पर चार वर्षो में आठ फीसदी वार्षिक दर से साधारण ब्याज व चक्रवृद्धि ब्याज का अंतर कितना होगा। आंसर-की में जवाब 55.61 बताया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, सही उत्तर 351.84 आएगा। जबकि चारों ऑप्शन में यह नहीं है।

सवाल नंबर 137 :

गणित के इस प्रश्न में उत्तर सी यानी २/5 बताया गया है। जबकि विशेषज्ञों का कहना है कि सही उत्तर -2/5 होगा।

इन जिलों में भी गलत ‘आंसर-की’ का मामला

पटवार भर्ती परीक्षा राज्यभर में विवादों के घेरे में है। राज्यभर के अभ्यर्थी सूचना के अधिकार के तहत आंसर-की मांग रहे हैं। अब तक टोंक, जोधपुर, करौली व भरतपुर में भी ऐसे ही मामले सामने आ चुके हैं। कई जगह मामला कोर्ट में पहुंच चुका है।
source-dainik bhaskar

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Patar Exam-पटवारी परीक्षा : उत्तर कुंजी बेनतीजा, प्रश्न पत्रों की सीरीज भी होगी सार्वजनिक!

पटवारी परीक्षा : उत्तर कुंजी बेनतीजा, प्रश्न पत्रों की सीरीज भी होगी सार्वजनिक!

अजमेर.पटवारी परीक्षा परिणाम में हुई गड़बड़ियों के बाद राजस्व मंडल प्रशासन ने भले ही संशोधित उत्तर कुंजी (आंसर की) सार्वजनिक कर दी हो, लेकिन बिना प्रश्न पत्र के अभ्यर्थियों को कुंजी सार्वजनिक करने का कोई फायदा नहीं मिल रहा है। 

अब मंडल प्रशासन ने प्रश्न पत्रों की चारों सीरीज को भी वेबसाइट पर उपलब्ध कराने का फैसला किया है। परीक्षा में गलत उत्तर व प्रश्नों के मामलों में अभ्यर्थियों की शिकायत व हाईकोर्ट के निर्देश के बाद राजस्व मंडल ने एक विशेषज्ञ समिति गठित कर दी थी। इस समिति की रिपोर्ट के आधार पर मंडल प्रशासन ने संशोधित उत्तर कुंजी भी जारी कर दी।


इस संशोधित उत्तर कुंजी को राजस्व मंडल ने अपनी और जिलों की वेबसाइट पर सार्वजनिक करते हुए अभ्यर्थियों से आपत्तियां आमंत्रित कर ली थीं। 5 मार्च को राजस्व मंडल की ओर से सूचना जारी कर कहा गया था कि अगर किसी अभ्यर्थी को संशोधित उत्तर कुंजी के उत्तर पर आपत्ति हो तो सप्रमाण अपना अभ्यावेदन या अर्जी, 16 मार्च सायं छह बजे तक संबंधित जिला कलेक्ट्रेट या राजस्व मंडल में प्रस्तुत कर सकते हैं। 

मंडल सचिव (भू अभिलेख) की ओर से जारी प्रेस नोट में कहा गया था कि अभ्यर्थी को सबूतों के साथ यह बताना होगा कि संशोधित उत्तर कुंजी में बताया गया उत्तर गलत कैसे है और अभ्यर्थी जो उत्तर सही बता रहा है, उसका आधार क्या है? 

बिना प्रश्न पत्र के कैसे जांचें कुंजी 

राजस्व मंडल प्रशासन ने चारों सीरीज के प्रश्न पत्रों के उत्तर कुंजी के रूप में वेबसाइट पर जारी कर दिए। जारी किए गए उत्तर भी ‘ए’ ‘बी’‘सी’ और ‘डी’ में ही बताए गए हैं लेकिन मंडल प्रशासन शायद यह नहीं समझ पाया कि जब परीक्षा ली गई थी तब प्रश्न पत्र परीक्षा केंद्र में रखवा लिए गए थे, ऐसे में जब अभ्यर्थी के पास प्रश्न पत्र ही नहीं है तो वह मंडल द्वारा सार्वजनिक की गई उत्तर कुंजी से किस तरह अपने लिखे गए उत्तर की जांच कर सकते हैं। यानि बिना प्रश्न पत्र के उत्तर कुंजी बेकार है। इस बाबत अभ्यर्थियों की ओर से भी लगातार मंडल को शिकायतें मिल रही थीं।


'अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए प्रश्न पत्रों को भी वेबसाइट पर उपलब्ध कराने का निर्णय किया है। एक दो दिन में ही प्रश्न पत्र वेबसाइट पर उपलब्ध हो जाएंगे।’

हेमंत शेष
रजिस्ट्रार, राजस्व मंडल, राजस्थान


नए सिरे से जारी करना होगा परिणाम

संशोधित उत्तर कुंजी सार्वजनिक होने के समय राजस्व मंडल प्रशासन की ओर से कहा गया था कि जरूरत होने पर संशोधित परीक्षा परिणाम जारी किया जा सकता है। लेकिन जिस तरह उत्तर कुंजी में सही उत्तर सामने आए हैं उसके बाद पूरा परिणाम ही बदलता नजर आ रहा है। 

लगभग सभी जिलों में प्रश्नों के उत्तर गलत पाए गए हैं। टोंक में भारी उलटफेर हो सकता है, यहां तकरीबन 10-12 प्रश्नों के उत्तर संशोधित हुए हैं। वहीं हर जिले में दो से पांच प्रश्नों के उत्तर बदले हैं। ऐसे में मंडल को नए सिरे से संपूर्ण संशोधित परिणाम जारी करना होगा। गौरतलब है कि 2363 पद के लिए 25 सितंबर 2011 को हुई इस सीधी भर्ती पटवार प्रतियोगिता में करीब पौने सात लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। 

नवंबर में परिणाम जारी हुआ था उसके बाद प्रश्नों व परिणाम में गड़बड़ियों की शिकायतें आनी शुरू हो गईं थीं। हाईकोर्ट में भी करीबन 30-40 याचिकाएं दायर हुई थीं। इसके बाद राजस्व मंडल ने राज्य के समस्त जिलों के प्रश्नपत्रों के उत्तरों की एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति से पुन: जांच करवाई थी। समिति ने प्रश्नों के उत्तरों की गहन जांच कर सही उत्तर की संशोधित कुंजी बनाई है। इस संशोधित उत्तर कुंजी को मंडल व जिलों की वेबसाइट पर प्रदर्शित किया गया है।

भास्कर ने उठाया था मुद्दा

भास्कर ने राजस्व मंडल के उत्तर कुंजी सार्वजनिक किए जाने की सूचना के बाद यह सवाल उठाया था कि बगैर प्रश्न पत्रों के अभ्यर्थी किस तरह जांच कर पाएंगे। भास्कर में प्रकाशित समाचार में स्पष्ट कहा गया था कि अभ्यर्थी को पहले यह मालूम करना होगा कि उसने किस प्रश्न का क्या उत्तर दिया है और उसका उत्तर किस तरह गलत है। 

यह भी महत्वपूर्ण है कि मंडल प्रशासन ने आपत्तियां पेश करने की अंतिम तिथि भी 16 मार्च तय की हुई है, ऐसे में सूचना के अधिकार के तहत भी अभ्यर्थी अपना प्रश्न पत्र लेना चाहे तो उसे मिलने में दिक्कत हो सकती है। ऐसे में प्रभावित प्रत्येक अभ्यर्थी के हित प्रभावित होने की आशंका उत्पन्न हो गई। अब राजस्व मंडल ने प्रश्न पत्रों की चारों सीरीज को जिलावार सार्वजनिक किए जाने का निर्णय किया है और जल्द ही प्रश्न पत्र भी वेबसाइट पर होंगे तो अभ्यर्थी आसानी से आपत्तियां प्रस्तुत कर सकते हैं।

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